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खरमास 2025: 16 दिसंबर से खरमास शुरू — कौन से काम वर्जित और क्या करें

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खरमास 2025: 16 दिसंबर से खरमास शुरू — कौन से काम वर्जित और क्या करें

खरमास 2025: 16 दिसंबर से खरमास शुरू — भूलकर भी न करें ये तीन काम

हिन्दू परंपरा के अनुसार यह अविशिष्ट अवधि है — जानें क्या करें और क्या न करें

16 दिसंबर 2025 - 14 जनवरी 2026

महत्वपूर्ण तिथियाँ

आरम्भ: 16 दिसंबर 2025, सुबह 04:27 (सूर्य धनु राशि में प्रवेश)
समापन: 14 जनवरी 2026, दोपहर 15:13 (मकर संक्रान्ति)

खरमास क्या है?

हिंदू परंपरा में खरमास वह अवधि है जब सूर्य धनु राशि में होते हैं और इसी समय के कारण गुरु (बृहस्पति) का प्रधान प्रभाव घट जाता है। पारम्परिक मान्यताओं के अनुसार इस समय मांगलिक कार्यों में बाधा आती है इसलिए विवाह, गृह-प्रवेश जैसे शुभ संस्कार टालने की सलाह दी जाती है।

भूलकर भी न करें ये तीन काम

  1. मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई, गृह-प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि संस्कार न करें।
  2. बड़ी खरीदारी: नया घर, जमीन, वाहन, सोना-चांदी या अन्य महँगे सामान न खरीदें।
  3. नया काम शुरू करना: नया व्यवसाय, दुकान या नए आयोजन की शुरुआत टालें।

अन्य वर्जित कार्य

  • तामसिक भोजन (मांस, मदिरा) का सेवन न करें
  • नए धार्मिक मूर्ति स्थापना या व्यापक निर्माण कार्य नहीं करें
  • खरमास में किसी बड़े वित्तीय निवेश से बचें
  • नए साझेदारी या अनुबंध पर हस्ताक्षर न करें

क्या करें - शुभ कार्य

  • सूर्य पूजा: प्रातः स्नान के बाद तांबे के लोटे से जल, रोली और फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें
  • पूजा-पाठ और व्रत: भगवान विष्णु और सूर्य देव की आराधना, सूर्य चालीसा का पाठ करें
  • दान-पुण्य: अन्न, वस्त्र, कंबल आदि दान करने से पुण्य की वृद्धि होती है
  • सात्विक जीवन: सात्विक आहार लें और मन को शांत रखें
  • आध्यात्मिक अभ्यास: मंत्र जाप, ध्यान और परोपकार पर ध्यान केंद्रित करें

सूर्य देव के 12 पवित्र मंत्र

रोजाना जप करने हेतु सूर्य के 12 नाम — प्रातःकाल स्नान के बाद इनका जाप करें:

  1. ॐ आदित्याय नमः
  2. ॐ सूर्याय नमः
  3. ॐ रवये नमः
  4. ॐ पूषणे नमः
  5. ॐ दिनेशाय नमः
  6. ॐ सावित्रे नमः
  7. ॐ प्रभाकराय नमः
  8. ॐ मित्राय नमः
  9. ॐ उषाकराय नमः
  10. ॐ भानवे नमः
  11. ॐ दिनमणाय नमः
  12. ॐ मार्तंडाय नमः

विशेष सावधानियाँ

ज्योतिषियों के अनुसार यदि किसी यात्रा या कार्यक्रम की तिथि पूर्व निर्धारित है तो उसे आवश्यकतानुसार किया जा सकता है, परन्तु नए मांगलिक और वित्तीय निर्णय अस्थायी रूप से टालना ही बेहतर माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरमास कब शुरू और कब खत्म होगा?
आरम्भ: 16 दिसंबर 2025 (सूर्य धनु राशि में प्रवेश — 04:27); समापन: 14 जनवरी 2026 (सूर्य मकर राशि में प्रवेश — 15:13)।
क्या खरमास में यात्रा कर सकते हैं?
यदि यात्रा पूर्वनिश्चित है या आवश्यक है तो की जा सकती है। परन्तु नए मांगलिक कार्यक्रम और बड़ी खरीदारी टालें।
सूर्य मंत्र कब और कैसे जपें?
प्रातःकाल स्नान के बाद रोली और फूल के साथ तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और उपर्युक्त मंत्रों का जप करें।
क्या खरमास में शादी हो सकती है?
नहीं, खरमास में विवाह और अन्य मांगलिक संस्कार वर्जित माने जाते हैं। इन्हें खरमास समाप्त होने के बाद करना शुभ होता है।

सारांश

खरमास एक आध्यात्मिक समय माना जाता है जिसमें मांगलिक क्रियाकलापों को टालकर पूजा, दान और आत्म-शुद्धि पर ध्यान देना उत्तम माना जाता है। 16 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक यह अवधि रहेगी।

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